महाराष्ट्र

Sahar Sheikh जाति प्रमाणपत्र विवाद: FIR के आदेश के बाद पिता यूनुस शेख का पलटवार, बोले – दो दिन में दूंगा करारा जवाब

Sahar Sheikh
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ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र से पार्षद बनीं सहर शेख (Sahar Sheikh) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं। इस बार मामला उनके जाति प्रमाणपत्र से जुड़ा है, जिसमें कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार की शिकायत के आधार पर जांच के बाद सहर शेख के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

पिता यूनुस शेख ने संभाला मोर्चा

बेटी पर लगे आरोपों के बाद अब उनके पिता और AIMIM नेता यूनुस शेख खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि उनकी बेटी की बढ़ती लोकप्रियता से विरोधी घबराए हुए हैं। यूनुस शेख ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वो दो दिनों के भीतर सभी आरोपों का “मुंहतोड़ जवाब” देंगे और अपने पक्ष में ठोस दस्तावेज पेश करेंगे।

क्या है पूरा मामला?

ठाणे तहसीलदार कार्यालय ने अपनी जांच में पाया कि यूनुस शेख पर कथित तौर पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर अपनी बेटी के लिए ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल करने का आरोप है। ये कार्रवाई एनसीपी की प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार की शिकायत के बाद की गई जांच के आधार पर हुई है।

जांच रिपोर्ट में सामने आए अहम तथ्य

तहसीलदार द्वारा 25 मार्च को सौंपी गई रिपोर्ट में प्राथमिक तौर पर ये निष्कर्ष निकाला गया कि यूनुस शेख ने राज्य चुनाव आयोग सहित कई सरकारी एजेंसियों को गुमराह किया। रिपोर्ट के अनुसार:

  • 2011 का ओबीसी प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप के अनुरूप नहीं था।
  • प्रमाणपत्र में आवश्यक अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे।
  • दस्तावेज के शीर्षक में “महाराष्ट्र राज्य” का उल्लेख भी नहीं था।

इसके अलावा, जांच में ये भी सामने आया कि यूनुस शेख का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से जुड़ा हुआ है। नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में विशेष फॉर्म-10 के तहत प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होता है।

दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि यूनुस शेख ने स्थानीय निवासियों के लिए निर्धारित फॉर्म-8 के तहत प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर की। इसी आधार पर वर्ष 2018 में सहर शेख के लिए जाति प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया।

प्रशासन की सिफारिश और आगे की कार्रवाई

तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों को रद्द करने और यूनुस शेख के खिलाफ धोखाधड़ी एवं जालसाजी के तहत FIR दर्ज करने की सिफारिश की है।

सोशल मीडिया और सार्वजनिक उपस्थिति भी चर्चा में

इस बीच, सहर शेख (Sahar Sheikh) हाल ही में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आईपीएल मैच के दौरान नजर आईं। उसी समय उन्होंने सोशल मीडिया पर “गेम ओवर” संदेश पोस्ट किया, जिसने इस पूरे विवाद को और हवा दे दी।

आगे क्या?

अब सभी की नजरें यूनुस शेख के उस जवाब पर टिकी हैं, जिसे देने के लिए उन्होंने दो दिन का समय मांगा है। ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वे अपने दावों को दस्तावेजों के साथ साबित कर पाते हैं या जांच एजेंसियां इस मामले में और सख्त कदम उठाती हैं।

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