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ईरान-अमेरिका जंग की तपिश मुंबई की रसोई तक: एलपीजी संकट से थमीं रफ्तारें, शादियाँ महंगी और होटल बंद

अमेरिका

मुंबई: सात समंदर पार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने मायानगरी मुंबई और इसके आसपास के इलाकों (MMR) की रसोई की आग को धीमा कर दिया है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Energy Supply Chain) में आए व्यवधान का सीधा और गहरा असर अब आम आदमी की जेब और थाली पर साफ दिखने लगा है।

1. ऑनलाइन बुकिंग ठप, एजेंसियों पर कतारें
मुंबई और एमएमआर (MMR) क्षेत्र की अधिकांश गैस एजेंसियों में एलपीजी सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सेवा पूरी तरह चरमरा गई है। सर्वर पर लोड और स्टॉक की अनिश्चितता के चलते उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से निराशा हाथ लग रही है।

जमीनी हकीकत: हजारों की संख्या में उपभोक्ता सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
पैनिक बाइंग: आपूर्ति कम होने की आशंका ने ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) को जन्म दिया है, जिससे संकट और गहरा गया है।

2. शादी-ब्याह का जायका हुआ कड़वा
यह संकट ऐसे समय में आया है जब देश में शादियों का सीजन अपने चरम पर है। एलपीजी की किल्लत का सबसे बड़ा खामियाजा कैटरिंग उद्योग को भुगतना पड़ रहा है।
अतिरिक्त शुल्क: सिलेंडरों की कमी और ‘ब्लैक’ में खरीदारी के दबाव के कारण कैटरर्स ने नए ऑर्डर्स पर सीधे 12 प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज वसूलना शुरू कर दिया है।
बजट बिगड़ा: मध्यवर्गीय परिवारों के लिए शादी का तय बजट अब 10-15% तक बढ़ गया है।

3. रेलवे और आईआरसीटीसी का ‘प्लान बी’
ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के खाने पर संकट न आए, इसके लिए IRCTC ने कमर कस ली है। एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए रेलवे ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की ओर कदम बढ़ाया है।
तकनीकी बदलाव: आईआरसीटीसी ने अपने वेंडर्स और बेस किचन को माइक्रोवेव और इंडक्शन कूकर के अधिकतम इस्तेमाल की सलाह दी है।
चुनौती: हालांकि, लंबी दूरी की ट्रेनों में पेंट्री कार के बिजली लोड को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

4. छोटे होटलों पर अस्तित्व का संकट
मुंबई के प्रसिद्ध उडुपी और छोटे ‘नुक्कड़’ होटलों के लिए यह दौर सबसे कठिन साबित हो रहा है।
शटर डाउन: गैस की कमी और बढ़ती इनपुट लागत के कारण मुंबई के करीब 35 प्रतिशत छोटे होटलों ने अस्थाई रूप से अपने शटर गिरा दिए हैं।
बेरोजगारी: इन होटलों के बंद होने से दिहाड़ी मजदूरों और वेटर्स के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

संकट का विश्लेषण: एक नजर में
प्रभावित क्षेत्र मुख्य प्रभाव
घरेलू उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग बंद, लंबी कतारें।
कैटरिंग बिजनेस 12% अतिरिक्त शुल्क का बोझ।
रेलवे (IRCTC) एलपीजी की जगह बिजली (Induction) पर जोर।
होटल उद्योग 35% इकाइयां बंद होने की कगार पर।

अमेरिका-ईरान जंग ने यह साबित कर दिया है कि आज की वैश्वीकृत दुनिया में सीमा पर चलने वाली गोलियां कितनी जल्दी रसोई के बजट को छलनी कर सकती हैं। यदि एलपीजी की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो मुंबई के खान-पान उद्योग को एक बड़ा स्थायी नुकसान झेलना पड़ सकता है। प्रशासन को अब ‘ग्रीन एनर्जी’ और ‘इलेक्ट्रिक कुकिंग’ के विकल्पों को युद्धस्तर पर बढ़ावा देने की जरूरत है।

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