प्यार न सरहदें देखता है, न मजहब और न ही समाज की बंदिशें। प्रयागराज कुम्भ मेले के दौरान अपनी अनूठी पहचान और चर्चाओं से सुर्खियों में आईं मोनालिसा भोसले ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। मोनालिसा ने अपने लॉन्ग-टर्म बॉयफ्रेंड फरमान खान के साथ केरल के तिरुवनंतपुरम में शादी कर ली है। हालांकि, यह शादी जितनी चर्चाओं में है, उतनी ही विवादों और डर के साये में भी घिरी हुई है।
फेसबुक की दोस्ती, मंदिर में मुकम्मल हुआ प्यार
मोनालिसा और महाराष्ट्र के रहने वाले फरमान खान की प्रेम कहानी डिजिटल दुनिया से शुरू हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के जरिए दोनों की दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। जब परिवार इस रिश्ते के खिलाफ खड़ा हुआ, तो दोनों ने केरल को अपनी प्रेम कहानी का गंतव्य बनाया।
तिरुवनंतपुरम के अरुमनूर स्थित नैनार मंदिर में दोनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामा। इस विवाह समारोह की खास बात यह रही कि केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी भी नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे, जिससे इस निजी आयोजन को काफी राजनीतिक और सामाजिक तवज्जो मिली।
सुरक्षा की गुहार: “पिता जबरन ले जाना चाहते हैं इंदौर”
शादी के पवित्र बंधन में बंधने के तुरंत बाद इस जोड़े को सुरक्षा के लिए केरल पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मोनालिसा ने अपने परिवार, विशेषकर अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मोनालिसा का दावा: उनके पिता उनकी मर्जी के खिलाफ उन्हें जबरन इंदौर ले जाना चाहते हैं और उनके इस अंतर्जातीय/अंतर्धार्मिक रिश्ते के सख्त खिलाफ हैं।
पुलिस सुरक्षा: अपनी जान और आजादी को खतरा बताते हुए जोड़े ने सुरक्षा की मांग की है, जिसके बाद केरल प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें सुरक्षा मुहैया करा रहा है।
फिल्म की शूटिंग और विवाद का संगम
मोनालिसा इन दिनों केरल में ही अपनी एक आगामी फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। शूटिंग के बीच में ही शादी और फिर पुलिस सुरक्षा की मांग ने स्थानीय मीडिया और फिल्म जगत में भी खलबली मचा दी है। कुम्भ मेले से शुरू हुआ मोनालिसा का सफर अब केरल की वादियों में एक नई कानूनी और व्यक्तिगत लड़ाई के मोड़ पर खड़ा है।
सामाजिक रूढ़ियों बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता
यह मामला एक बार फिर व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक सम्मान (Honor) के बीच के पुराने संघर्ष को उजागर करता है। एक तरफ जहाँ मंत्री की उपस्थिति ने इस विवाह को नैतिक समर्थन दिया है, वहीं पुलिस की सुरक्षा मांग यह बताती है कि हमारे समाज में ‘मर्जी की शादी’ आज भी एक जोखिम भरा कदम है।
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