नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात (Ashok Kharat) उर्फ “कैप्टन खरात” से जुड़े मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पहले जहां उस पर एक महिला से दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा था, वहीं अब जांच में उसके अंधविश्वास के नाम पर चल रहे बड़े ठगी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच के दायरे में आते ही उसके काले कारनामों की परतें खुलने लगी हैं।
अंधविश्वास की आड़ में चलता था बड़ा खेल
जांच एजेंसियों के अनुसार, अशोक खरात (Ashok Kharat) भोले-भाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर उन्हें डर और चमत्कार के जाल में फंसाता था। मंदिर परिसर में नकली सांप और बाघ की खाल रखकर रहस्यमयी माहौल तैयार किया जाता था, जिससे लोग भयभीत हो जाएं।
इतना ही नहीं, वो रिमोट कंट्रोल से चलने वाले सांपों का इस्तेमाल कर “चमत्कार” दिखाता था और खुद को तांत्रिक शक्तियों से संपन्न बताता था। इन तथाकथित चमत्कारों के जरिए लोगों का विश्वास जीतकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
सस्ते सामान को ‘दैवीय रत्न’ बताकर लाखों की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बाजार में बेहद सस्ते मिलने वाले सामान को पॉलिश कर महंगे “दैवीय रत्न” बताकर बेचता था।
- 100 रुपये की वस्तु को 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक में बेचना
- साधारण पत्थरों को चमत्कारी रत्न बताना
- अघोरी विधियों और संमोहन के नाम पर पैसे वसूलना
ये सभी उसके ठगी के मुख्य तरीके थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए वो लंबे समय से लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहा था।
रेप केस और आपराधिक आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
अशोक खरात (Ashok Kharat) की गिरफ्तारी एक 35 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोप के बाद हुई। इस मामले में पुलिस को कई अहम सबूत भी मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर 50 से अधिक वीडियो शामिल हैं।
जांच के दौरान ये भी सामने आया है कि आरोपी का प्रभाव केवल आम लोगों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उसका संपर्क राजनीतिक और सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों तक भी था।
रसूख और पहुंच पर भी उठे सवाल
खरात खुद को बड़ा ज्योतिषी बताकर नेताओं और सेलिब्रिटीज का भविष्य बताने का दावा करता था। वर्ष 2022 में कुछ राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात के बाद वो चर्चा में आया था, जिसके बाद उसकी पहचान और प्रभाव तेजी से बढ़ा।
पुलिस जांच में और बड़े खुलासों की संभावना
नासिक क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस पूरे मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस को शक है कि ये मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क भी हो सकता है।
नासिक का ये मामला अंधविश्वास के नाम पर चल रहे ठगी के खतरनाक खेल को उजागर करता है। ये घटना लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि किसी भी चमत्कार या दैवीय दावे पर आंख बंद कर विश्वास न करें। कानून अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं।
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