खुद को त्रिकालज्ञानी और अवतारी पुरुष बताने वाले तथाकथित बाबा Ashok Kharat के खिलाफ खुलासों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने न केवल उसके काले कारनामों को उजागर किया है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास और उसके खतरनाक परिणामों को भी सामने ला दिया है।
विवाहित महिला के साथ शोषण का तीसरा मामला दर्ज
ताज़ा मामले में एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया है कि मानसिक तनाव के दौरान मदद की उम्मीद लेकर वो खरात के पास पहुंची थी। आरोपी ने महिला को ये कहकर बहलाया कि वो पिछले जन्म की अप्सरा है और उसके जीवन में दो विवाह लिखे हैं। इस झूठे विश्वास के आधार पर उसने महिला का लंबे समय तक यौन शोषण किया।
आरोप ये भी है कि जब महिला गर्भवती हो गई, तो खरात ने उसे अपने कार्यालय बुलाकर जबरन गर्भपात की दवाएं दीं। इस मामले में सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में तीसरा केस दर्ज किया गया है।
डर और दबाव से बनाया साम्राज्य
स्थानीय लोगों के अनुसार, अशोक खरात (Ashok Kharat) का प्रभाव केवल धार्मिक धोखे तक सीमित नहीं था। मिरगांव इलाके में उसने भय का माहौल बना रखा था। बताया जाता है कि वो अपने फार्महाउस पर हथियार के साथ आता-जाता था और विरोध करने वालों को धमकाकर उनकी जमीनें हड़प लेता था।
पुलिस ने उसके फार्महाउस से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे उसके नेटवर्क के नए पहलू सामने आ रहे हैं।
हाई-टेक तरीके से ठगी और अंधविश्वास फैलाना
जांच में सामने आया है कि खरात लोगों को प्रभावित करने के लिए तकनीक और अंधविश्वास का मिश्रण इस्तेमाल करता था। वो रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नकली सांपों और अन्य वस्तुओं का उपयोग कर चमत्कार का भ्रम पैदा करता था।
इसके अलावा, सस्ते बीजों को चमकाकर उन्हें “चमत्कारी रत्न” बताकर हजारों से लाखों रुपये तक में बेचा जाता था। उसके ठिकानों से काले जादू से जुड़े सामान और आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद किए गए हैं।
आलीशान जीवनशैली और विदेश यात्राएं
जांच एजेंसियां अब उसकी संपत्ति और आय के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, अशोक खरात (Ashok Kharat) ने लगभग 150 अंतरराष्ट्रीय यात्राएं की हैं। उसकी महंगी जीवनशैली और विदेश दौरों ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है।
मामला विधानसभा तक पहुंचा
ये मामला अब राजनीतिक स्तर पर भी गूंजने लगा है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि खरात को कुछ प्रभावशाली अधिकारियों और नेताओं का संरक्षण प्राप्त था, और इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की मांग की गई है।
ट्रस्ट और आर्थिक अनियमितताओं पर सवाल
अशोक खरात (Ashok Kharat) एक ट्रस्ट का अध्यक्ष भी था, जिसमें उसने कथित तौर पर अपने करीबियों को शामिल कर लिया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद ट्रस्ट से जुड़े कई दस्तावेज और बोर्ड गायब पाए गए हैं, जिससे आर्थिक गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है।
पुराने मामलों की भी जांच तेज
पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा, एक किसान ने उस पर अपने भाई की संदिग्ध मौत में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
अशोक खरात (Ashok Kharat) का मामला केवल एक व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये समाज में अंधविश्वास, भय और प्रभाव के दुरुपयोग की गंभीर तस्वीर पेश करता है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे संभव हैं।
ये भी पढ़ें: Badshah के ‘टटीरी’ गाने पर बड़ा एक्शन: हरियाणा पुलिस ने हटाए 857 लिंक





























