महाराष्ट्र में लगातार पड़ रही तेज गर्मी से जल्द राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मुंबई-ठाणे समेत इन इलाकों में बारिश की संभावना
मंगलवार (21 अप्रैल) को मुंबई, मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़ और ठाणे के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। अगले कुछ घंटों के दौरान इन इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज और बिजली चमकने की भी आशंका है। फिलहाल ठाणे और डोंबिवली के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है, जो मौसम परिवर्तन का संकेत दे रही है।
आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का भी खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कुछ जगहों पर आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। इस बदलाव का असर राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
पुणे, मराठवाड़ा और विदर्भ में भी असर
केवल मुंबई क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पुणे, मराठवाड़ा के दक्षिणी भाग, छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र और विदर्भ के अमरावती जिले में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में भी मौसम अचानक करवट ले सकता है।
आज और कल मौसम रहेगा सुहावना
मौसम विभाग के अनुसार, 21 और 22 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सक्रिय हुई नई मौसम प्रणाली के कारण हो रहा है।
किसानों के लिए जारी हुई सलाह
मौसम में इस अचानक बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि किसान अपने कृषि कार्यों की योजना मौसम को ध्यान में रखकर बनाएं।
- कटाई की गई फसलों को खुले में न छोड़ें
- फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें
- सब्जियां और कृषि उपज को भी खुले में रखने से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है।
महाराष्ट्र में बदलते मौसम के चलते जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिलने वाली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-तूफान और बारिश के कारण सतर्क रहने की आवश्यकता भी है। खासकर किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है।
ये भी पढ़ें: मुंबई 3.0: अटल सेतु-एक्सप्रेसवे कनेक्टर से बदलेगी रफ्तार; अब मिनटों में तय होगा पुणे का सफर


























