महाराष्ट्र

‘मिशन भरारी’ से खुले अंतरिक्ष के द्वार: ठाणे के 59 ग्रामीण छात्रों को मिला ISRO विजिट का सुनहरा मौका

ठाणे
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ने का अनोखा अवसर मिल रहा है। ‘मिशन भरारी’ कार्यक्रम के तहत करीब 9500 विद्यार्थियों में से चुने गए 59 प्रतिभाशाली छात्रों को Indian Space Research Organisation (ISRO) के दौरे पर भेजा गया है।

ये पहल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण छात्रों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

कैसे हुआ छात्रों का चयन?

‘मिशन भरारी’ कार्यक्रम की शुरुआत 26 जनवरी 2026 को की गई थी। इसमें कक्षा 5वीं से 8वीं तक के छात्रों के लिए एक प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई। पहले चरण में 9316 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 2007 छात्रों का चयन तालुका स्तर पर हुआ। इसके बाद 478 छात्रों ने जिला स्तर की परीक्षा दी, और अंततः 59 छात्रों का चयन इस विशेष शैक्षणिक यात्रा के लिए किया गया। इनमें 54 छात्र मराठी माध्यम और 5 छात्र उर्दू माध्यम से हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से आते हैं।

क्या है इस यात्रा का उद्देश्य?

ये यात्रा केवल एक टूर नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बनाई गई एक विशेष पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और आधुनिक तकनीक के प्रति रुचि जगाना है।

छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान, प्रयोगशालाओं और अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा, जिससे उनके भविष्य के करियर विकल्पों को नई दिशा मिल सकती है।

यात्रा का पूरा कार्यक्रम

27 अप्रैल 2026 को ठाणे से इस यात्रा की शुरुआत हुई, जहां से छात्रों को Mumbai से Thiruvananthapuram के लिए रवाना किया गया।
28 अप्रैल को छात्रों ने Vivekananda Rock Memorial, तिरुवल्लुवर प्रतिमा और सनसेट व्यू प्वाइंट का भ्रमण किया।
29 अप्रैल को Vikram Sarabhai Space Centre, थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन और प्रियदर्शिनी तारामंडल का दौरा निर्धारित है।
इसके अलावा 30 अप्रैल को प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय और 1 मई को नेपियर संग्रहालय का भ्रमण कर छात्र वापस लौटेंगे।

छात्रों के लिए खास इंतजाम

इस यात्रा को खास बनाने के लिए छात्रों के लिए उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ठहरने की व्यवस्था फाइव-स्टार होटल में की गई है और यात्रा के लिए वातानुकूलित बसों की सुविधा दी गई है।

साथ ही, मेडिकल टीम भी छात्रों के साथ मौजूद रहेगी। छात्रों को ब्लेजर, टी-शर्ट, ट्रैक पैंट, कैप, स्पोर्ट्स शूज, मोजे, पहचान पत्र और ट्रॉली बैग भी प्रदान किए गए हैं। इस पूरी पहल के लिए करीब 50 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

उपमुख्यमंत्री का संदेश

उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने कहा कि 9500 छात्रों में से 59 छात्रों का चयन होना गर्व की बात है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने A. P. J. Abdul Kalam, Mahatma Gandhi और संत गाडगे बाबा के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और विज्ञान के माध्यम से ही समाज का विकास संभव है।

‘मिशन भरारी’ जैसे कार्यक्रम ये साबित करते हैं कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें साकार कर सकते हैं। Indian Space Research Organisation का यह दौरा न केवल इन 59 छात्रों के लिए यादगार अनुभव होगा, बल्कि उनके जरिए हजारों अन्य छात्रों को भी विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

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