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मुंबई में मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य, BMC ने दुकानों और होटलों को दिया एक महीने का अल्टीमेटम

मराठी साइनबोर्ड
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मुंबई में अब सभी दुकानों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। उप महापौर संजय घड़ी ने साफ कहा है कि एक महीने के भीतर सभी प्रतिष्ठानों को देवनागरी लिपि में प्रमुखता से मराठी साइनबोर्ड लगाने होंगे, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फाइव स्टार होटल और बड़े ब्रांड भी दायरे में

BMC की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि ये नियम सभी संस्थानों पर लागू होगा, चाहे वो फाइव स्टार होटल हो, बड़े ब्रांड के आउटलेट हों या किसी सेलिब्रिटी के स्वामित्व वाले प्रतिष्ठान। उप महापौर संजय घड़ी ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार मराठी साइनबोर्ड लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी अधिकारी ने कार्रवाई में लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

नियम नहीं मानने वालों पर होगी कार्रवाई

BMC की विधि समिति की अध्यक्ष दीक्षा करकर ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों ने अभी तक मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाए हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे संस्थानों को एक महीने के भीतर नियमों का पालन करना होगा।

इसके अलावा अधिकारियों को उन दुकानों और प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है और समयसीमा खत्म होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

‘शिवसेना स्टाइल’ कार्रवाई की चेतावनी

इस मुद्दे पर शिवसेना नेताओं ने भी कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के एक पार्षद ने कहा कि यदि कोई प्रतिष्ठान तय समय सीमा के भीतर मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाता, तो शिवसेना कार्यकर्ता “शिवसेना स्टाइल” में जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के निर्देशों के अनुसार होगी।

क्या है कानूनी पृष्ठभूमि?

महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2022 में राज्य की सभी दुकानों और संस्थानों के लिए देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य किया था। इस फैसले को फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी और याचिकाकर्ता संगठन पर जुर्माना भी लगाया गया था।

बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां राज्य सरकार से जवाब मांगा गया, लेकिन नियम पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई। ऐसे में फिलहाल यह नियम पूरी तरह लागू है।

मुंबई में बढ़ी सख्ती

BMC अब इस नियम को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए अभियान चलाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मुंबई के बाजारों, मॉल्स, होटलों और व्यावसायिक इलाकों में बड़े स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाए जा सकते हैं।

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