महाराष्ट्र के चर्चित TCS नासिक मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। छत्रपति संभाजीनगर के AIMIM पार्षद मतीन पटेल (Mateen Patel) को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पटेल पर इस मामले की आरोपी HR कर्मचारी निदा खान को कथित तौर पर पनाह देने और जांच से बचने में मदद करने का आरोप है।
कोर्ट में पेश नहीं होने पर जारी हुआ था वारंट
रिपोर्ट के मुताबिक, मतीन पटेल (Mateen Patel) को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन उनके उपस्थित नहीं होने के बाद उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया। इसके बाद नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई।
पुलिस का आरोप है कि पटेल ने TCS मामले की आरोपी निदा खान को अपने क्षेत्र में ठहरने के लिए जगह उपलब्ध कराई थी। पुलिस जांच में इसी भूमिका को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
क्या है TCS नासिक मामला?
ये मामला मार्च 2026 में TCS की नासिक यूनिट से सामने आया था। महिला कर्मचारियों की ओर से यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई और कई FIR दर्ज की गईं।
जांच के दौरान TCS के कई कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। कंपनी ने भी मामले में कथित तौर पर शामिल कर्मचारियों को निलंबित किया है। SIT फिलहाल कुल नौ मामलों की जांच कर रही है।
निदा खान को जुलाई में मिली जमानत
पुलिस के मुताबिक, निदा खान को मई में गिरफ्तार किया गया था। बाद में जुलाई 2026 में उन्हें जमानत मिल गई। रिपोर्ट के अनुसार, वो उस समय गर्भवती थीं। वहीं, मतीन पटेल पर उन्हें कथित तौर पर छिपाने में मदद करने का आरोप लगा था।
घर और ऑफिस पर हो चुकी है कार्रवाई
मतीन पटेल (Mateen Patel) के घर और कार्यालय से जुड़े कथित अवैध निर्माणों पर इससे पहले प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा चुकी है। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद TCS मामले की जांच में उनकी भूमिका को लेकर पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ गई है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और मतीन पटेल पर लगाए गए आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
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