मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटोरिक्शा चालकों के लिए शुरू किए गए मराठी भाषा प्रशिक्षण और दक्षता परीक्षा कार्यक्रम को लेकर नई जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,40,423 ऑटो चालक मराठी भाषा की परीक्षा पास कर चुके हैं, जबकि 7,750 चालक परीक्षा में असफल रहे हैं। इसके अलावा 17,427 चालक अभी अपना प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए हैं।
इस तरह 25 हजार से अधिक ऑटो चालक फिलहाल इस प्रक्रिया के तहत प्रमाणन हासिल नहीं कर सके हैं। परीक्षा में असफल चालकों को दोबारा परीक्षा देने से पहले अतिरिक्त प्रशिक्षण लेना होगा, जबकि जिनका प्रशिक्षण बाकी है, उनके लिए अगले चरण में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने की उम्मीद है।
करीब 1.66 लाख आवेदन मिले
मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों यानी RTO ने साहित्यिक संगठनों के सहयोग से प्रक्रिया शुरू की थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत कुल 1,65,600 आवेदन प्राप्त हुए।
इनमें से अब तक 1,40,423 चालक प्रशिक्षण पूरा कर मराठी दक्षता परीक्षा पास कर चुके हैं। वहीं, 7,750 चालक परीक्षा में सफल नहीं हो पाए और 17,427 चालक अभी प्रशिक्षण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
आंकड़ों से साफ है कि बड़ी संख्या में चालकों ने मराठी भाषा की बुनियादी परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, लेकिन एक वर्ग अभी भी प्रमाणन प्रक्रिया से बाहर है।
परीक्षा में फेल हुए 7,750 चालकों का क्या होगा?
परीक्षा में असफल हुए 7,750 ऑटो चालकों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। हालांकि, उन्हें सीधे दोबारा परीक्षा देने के बजाय पहले अतिरिक्त प्रशिक्षण लेने की जरूरत होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त प्रशिक्षण के बाद इन चालकों को फिर से मराठी भाषा दक्षता परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि चालक यात्रियों से मराठी में बुनियादी स्तर पर संवाद कर सकें और स्थानीय भाषा को समझ सकें।
17,427 चालकों का प्रशिक्षण अभी बाकी
परीक्षा में असफल होने वाले चालकों के अलावा 17,427 चालक ऐसे हैं, जिन्होंने अभी अपना प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है।
इन चालकों के लिए निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करने की अंतिम तारीख 15 अगस्त थी। हालांकि, सभी चालक तय समय सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा नहीं कर सके। परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, लंबित प्रशिक्षण सत्रों को अगले एक से दो सप्ताह में पूरा किए जाने की उम्मीद है।
मुंबई में सबसे ज्यादा प्रशिक्षण लंबित
लंबित प्रशिक्षण के मामले में मुंबई सबसे आगे है। यहां 9,196 ऑटो चालकों का प्रशिक्षण अभी पूरा होना बाकी है।
इसके बाद:
- ठाणे: 4,871 चालक
- नवी मुंबई: 1,400 चालक
- पालघर: 350 चालक
- महाराष्ट्र के अन्य हिस्से: 1,610 चालक
इससे पता चलता है कि लंबित प्रशिक्षण का बड़ा हिस्सा मुंबई महानगर क्षेत्र में है।
महाराष्ट्र में क्यों शुरू किया गया मराठी भाषा प्रशिक्षण?
राज्य सरकार ने ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी करने की दिशा में ये प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।
महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए लोग ऑटोरिक्शा और टैक्सी चलाने का काम करते हैं। ऐसे में कई यात्रियों और चालकों के बीच स्थानीय भाषा को लेकर संवाद की समस्या सामने आती रही है।
सरकार की पहल का उद्देश्य चालकों को मराठी भाषा में बुनियादी बातचीत, यात्रियों की बात समझने और सामान्य संवाद के लिए सक्षम बनाना है।
कितने चालक अब तक पास हुए?
उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,65,600 आवेदनों में से 1,40,423 चालक मराठी भाषा की परीक्षा पास कर चुके हैं। वहीं 7,750 चालक परीक्षा में फेल हुए हैं, जिन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण के बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा 17,427 चालकों का प्रशिक्षण लंबित है। यानी सरकार के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चालक प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, जबकि बाकी चालकों के लिए प्रशिक्षण और दोबारा परीक्षा के अगले चरण आयोजित किए जाएंगे।
आगे क्या होगा?
अब मराठी भाषा की परीक्षा में असफल हुए चालकों को अतिरिक्त प्रशिक्षण के बाद दोबारा परीक्षा का मौका मिलेगा। वहीं, जिन 17,427 चालकों का प्रशिक्षण बाकी है, उनके प्रशिक्षण सत्र अगले एक-दो सप्ताह में पूरे किए जाने की उम्मीद है।
इस पूरी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही संबंधित चालकों को मराठी भाषा दक्षता से जुड़ा प्रमाणन मिल सकेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में RTO और संबंधित संस्थाओं के लिए लंबित प्रशिक्षण और पुनर्परीक्षा को पूरा कराना अहम चुनौती होगी।
ये भी पढ़ें: मुंबई: फुटपाथ कब्जाने वालों की अब खैर नहीं! अश्विनी भिड़े ने लिया बड़ा एक्शन, 320 KM फुटपाथ होंगे साफ





























