महाराष्ट्र

Google Search से लोहागढ़ तक… Ketan Agarwal हत्याकांड की चार्जशीट में साजिश के बड़े खुलासे

Ketan Agarwal

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल (Ketan Agarwal) की मौत के मामले में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मोबाइल डेटा, WhatsApp चैट, कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, तस्वीरों और गवाहों के बयानों से जुड़े कई अहम साक्ष्य सामने आए हैं। चार्जशीट में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस का आरोप है कि केतन की मौत महज एक हादसा नहीं थी, बल्कि इसकी पहले से योजना बनाई गई थी। हालांकि, ये सभी आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन पर अंतिम फैसला अदालत में सबूतों और सुनवाई के बाद होगा।

Google और सोशल मीडिया सर्च का भी जिक्र

चार्जशीट में पुलिस ने आरोपियों की ऑनलाइन गतिविधियों का भी उल्लेख किया है। जांच के मुताबिक, सिया और चेतन के मोबाइल फोन से हत्या के तरीकों, जहरीले मशरूम, लोहागढ़ और पहले सामने आए कुछ चर्चित हत्या मामलों से संबंधित ऑनलाइन सर्च की गई थीं।

पुलिस के अनुसार, सर्च हिस्ट्री में Sonam Case, लोहागढ़ से जुड़ी पुरानी घटना और हत्या से जुड़े अन्य विषयों की जानकारी तलाशने के संकेत मिले। जांच में सोशल मीडिया और पॉडकास्ट से जुड़ी गतिविधियों का भी जिक्र किया गया है।

मशरूम से हत्या की संभावना भी खंगालने का दावा

चार्जशीट के अनुसार, पुलिस को ऐसी ऑनलाइन सर्च भी मिलीं जिनमें जहरीले मशरूम और हत्या के तरीकों से संबंधित जानकारी तलाशने का दावा किया गया है।

यह जानकारी जांच में डिजिटल साक्ष्य के तौर पर शामिल की गई है। हालांकि, केवल किसी चीज की ऑनलाइन सर्च अपने आप में अपराध साबित नहीं करती। इसका महत्व अदालत में अन्य सबूतों के साथ मिलाकर तय होगा।

लोहागढ़ को कथित तौर पर बनाया गया घटनास्थल

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लोहागढ़ इलाके की रेकी की थी। चार्जशीट में 28 और 29 मई को लोहागढ़ की रेकी किए जाने का उल्लेख है। इसके बाद 18 जून 2026 को केतन को ट्रेकिंग के बहाने लोहागढ़ ले जाने का आरोप है।

पुलिस का दावा है कि लोहागढ़ के एक चट्टानी हिस्से के पास केतन को खाई में धकेला गया। शुरुआती तौर पर घटना को गिरने या हादसे के रूप में देखा गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इसे कथित हत्या की साजिश से जोड़कर जांच की।

CCTV और पर्यटकों की तस्वीरें बनीं अहम कड़ी

जांच में CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुड़े फोटो भी सामने आए। India Today की रिपोर्ट के अनुसार, चार्जशीट में करीब 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें कुछ ऐसे गवाह भी शामिल हैं, जिनके बारे में पुलिस का दावा है कि उन्होंने घटना के दौरान आरोपियों को देखा था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, लोहागढ़ घूमने गए पर्यटकों द्वारा खींची गई तस्वीरों में भी केतन, सिया और चेतन के घटनास्थल पर मौजूद होने की बात सामने आई है। ये तस्वीरें भी जांच में शामिल की गई हैं।

फर्जी Instagram अकाउंट का भी आरोप

पुलिस के मुताबिक, मामले में एक कथित फर्जी Instagram अकाउंट का इस्तेमाल भी किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस अकाउंट के जरिए केतन से बातचीत की गई और उसे लोहागढ़ आने के लिए तैयार किया गया।

चार्जशीट में यह भी दावा है कि घटना के बाद डिजिटल डेटा, चैट और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े कुछ रिकॉर्ड हटाने की कोशिश की गई। पुलिस ने इन डिजिटल गतिविधियों को कथित साजिश और सबूत मिटाने की कोशिश से जोड़कर जांच की है।

केतन की मौत के बाद ChatGPT सर्च का भी जिक्र

चार्जशीट से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि केतन की मौत के बाद सिया ने ChatGPT और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस तरह के सवाल खोजे कि परिवार के सामने किस तरह व्यवहार किया जाए और पुलिस के सवालों का सामना कैसे किया जाए।

पुलिस ने इन ऑनलाइन गतिविधियों को जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि, किसी ऑनलाइन सर्च का संदर्भ और उसका कानूनी महत्व अदालत में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।

पहले भी कोशिश किए जाने का पुलिस का दावा

India Today की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने चार्जशीट में यह भी दावा किया है कि 18 जून की घटना से पहले लोहागढ़ में केतन के साथ कथित तौर पर एक और प्रयास किया गया था। पुलिस के मुताबिक, उस दौरान केतन बच गया था।

इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के बीच फोन कॉल और बातचीत के रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया है। चार्जशीट में मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को जांच के अहम हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है।

5,053 पन्नों की चार्जशीट में क्या-क्या शामिल?

पुणे ग्रामीण पुलिस की चार्जशीट में कई तरह के साक्ष्य शामिल किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • मोबाइल फोन का डेटा
  • WhatsApp चैट
  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड
  • CCTV फुटेज
  • घटनास्थल और अन्य तस्वीरें
  • डिजिटल और तकनीकी जांच से जुड़े रिकॉर्ड
  • गवाहों के बयान
  • ऑनलाइन सर्च और सोशल मीडिया गतिविधियों से संबंधित जानकारी

शामिल होने की बात सामने आई है।

तीन आरोपियों के खिलाफ मामला

पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में हत्या, आपराधिक साजिश और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े आरोपों के तहत कार्रवाई का उल्लेख है। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

आगे क्या होगा?

अब इस मामले में अदालत चार्जशीट और उसमें पेश किए गए साक्ष्यों की जांच करेगी। अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों को अदालत में साबित करना होगा, जबकि आरोपियों को अपना बचाव रखने का पूरा कानूनी अधिकार है।

इसलिए चार्जशीट में दर्ज पुलिस के दावों को अदालत द्वारा साबित किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मामले का अंतिम निष्कर्ष न्यायिक सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

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