नागपुर में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के अवैध पालन और बिक्री के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पारशिवनी तहसील के चिंचोली-महादुला इलाके में अधिकारियों ने 11 तालाबों से करीब 36 हजार किलो यानी 36 टन थाई मांगुर बरामद की। रिपोर्ट के मुताबिक, जब्त मछली की कीमत 32 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
11 तालाबों से मिली 36 टन मछली
मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को इलाके में प्रतिबंधित थाई मांगुर के अवैध पालन और बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद मत्स्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए 11 तालाबों की जांच की, जहां बड़ी मात्रा में ये मछली पाई गई।
कार्रवाई में स्थानीय 25 मछुआरों की मदद भी ली गई। बरामद मछली को दोबारा बाजार में पहुंचने से रोकने के लिए नष्ट कर दिया गया।
8 फीट गड्ढा खोदकर किया गया नष्ट
प्रशासन ने जब्त मछली को खुले में छोड़ने के बजाय करीब 8 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित मछली के दोबारा इस्तेमाल या बिक्री की संभावना को खत्म करना था।
क्यों प्रतिबंधित है थाई मांगुर?
थाई मांगुर को लेकर पर्यावरण और स्थानीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी गंभीर चिंताएं जताई जाती रही हैं। ये एक आक्रामक और शिकारी प्रजाति मानी जाती है, जो स्थानीय मछलियों और जलीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचा सकती है।
तीन महीने में 51 टन से ज्यादा मछली नष्ट
गौरतलब है कि, नागपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित थाई मांगुर के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन महीनों में करीब 51 टन थाई मांगुर नष्ट की जा चुकी है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद अवैध पालन और कारोबार पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय जल संसाधनों, जैव विविधता और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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