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मुंबई: फुटपाथ कब्जाने वालों की अब खैर नहीं! अश्विनी भिड़े ने लिया बड़ा एक्शन, 320 KM फुटपाथ होंगे साफ

अश्विनी भिड़े

मुंबई: मुंबई में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े खुद इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। सोमवार को उन्होंने करीब तीन घंटे तक दक्षिण मुंबई के अलग-अलग इलाकों में पैदल चलकर फुटपाथों की स्थिति का जायजा लिया।

BMC ने अपने ‘पेडस्ट्रियन फर्स्ट’ (Pedestrian First) अभियान के तहत मुंबई के करीब 320 किलोमीटर लंबे फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त और पैदल चलने योग्य बनाने का लक्ष्य रखा है। अभियान में अवैध स्टॉल, अनधिकृत फेरीवालों द्वारा किए गए अतिक्रमण, गलत तरीके से खड़े वाहनों, कचरे और निर्माण सामग्री जैसी बाधाओं को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।

तीन घंटे तक पैदल चलीं BMC कमिश्नर

अश्विनी भिड़े ने सोमवार को दक्षिण मुंबई के कई प्रमुख इलाकों का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने D, E, B और C वार्ड के अंतर्गत आने वाले विभिन्न फुटपाथों और प्रमुख सड़कों की स्थिति देखी।

निरीक्षण के दौरान नाना चौक, ग्रांट रोड रेलवे स्टेशन, नौशीर भरूचा क्रॉस लेन, शंकरशेठ मार्ग, तारदेव रोड, डॉ. आनंद राव नायर रोड, BYL नायर अस्पताल क्षेत्र, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड, नाथ पाई मार्ग, संत सावता मार्ग, लोकमान्य तिलक मार्ग, सिंदूर ब्रिज, रघुनाथ महाराज स्ट्रीट, काजी सैयद स्ट्रीट, जगन्नाथ शंकरशेठ मार्ग, धोबीतलाव लेन, महर्षि कर्वे रोड, मरीन लाइन्स और चंदनवाड़ी समेत कई स्थानों का जायजा लिया गया।

इससे पहले भी 8 अगस्त को अश्विनी भिड़े ने मुंबई के फुटपाथों का निरीक्षण किया था। लगातार हो रहे निरीक्षण से साफ है कि BMC अब इस अभियान को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय जमीन पर लागू करने पर जोर दे रही है।

320 किलोमीटर फुटपाथ होंगे अतिक्रमण मुक्त

BMC के ‘पेडस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान के पहले चरण में करीब 320 किलोमीटर फुटपाथों को साफ और व्यवस्थित करने का लक्ष्य रखा गया है। खासतौर पर स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों, बस डिपो और प्रमुख बाजारों के आसपास के फुटपाथों को प्राथमिकता दी जा रही है।

अभियान के तहत फुटपाथों पर पैदल यात्रियों के रास्ते में आने वाली अलग-अलग तरह की बाधाओं को हटाया जाएगा। इनमें अवैध स्टॉल, अनधिकृत फेरीवाले, गलत तरीके से पार्क किए गए वाहन, मलबा और कचरे के ढेर शामिल हैं।

वैध लाइसेंस वाले फेरीवालों के लिए भी नियम तय

BMC कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि जिन फेरीवालों के पास वैध लाइसेंस है, वे अपना कारोबार कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें फुटपाथ पर इस तरह सामान नहीं फैलाने दिया जाएगा जिससे पैदल यात्रियों का रास्ता बाधित हो।

वैध फेरीवालों को निर्धारित और सीमित जगह में ही कारोबार करना होगा। यानी अभियान का उद्देश्य केवल फेरीवालों को हटाना नहीं, बल्कि फुटपाथ पर पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों को रोजाना निरीक्षण के निर्देश

अश्विनी भिड़े ने वॉर्ड स्तर के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कार्रवाई से पहले और कार्रवाई के बाद की तस्वीरें जमा करने को कहा गया है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि अतिक्रमण हटाने के बाद फुटपाथ की स्थिति में वास्तव में कितना सुधार हुआ।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इससे अभियान की निगरानी और जवाबदेही दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं, फुटपाथ को बेहतर भी बनाया जाएगा

BMC की योजना केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। अभियान के तहत टूटे और ऊंचे-नीचे फुटपाथों की मरम्मत, उनके स्तर को ठीक करने और जरूरत के मुताबिक सौंदर्यीकरण का काम भी किया जाएगा।

इसके अलावा पैदल चलने वालों के रास्ते में बाधा बनने वाली पेड़ों की टहनियों की वैज्ञानिक तरीके से छंटाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य फुटपाथों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और लगातार इस्तेमाल करने लायक बनाना है।

मुंबई के पैदल यात्रियों के लिए क्यों अहम है ये अभियान?

मुंबई में बड़ी संख्या में लोग रोजाना अपने घर, स्टेशन, ऑफिस, स्कूल, बाजार और अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए पैदल चलते हैं। ऐसे में फुटपाथों पर अतिक्रमण होने से लोगों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक और सड़क हादसों का जोखिम बढ़ सकता है।

BMC का ‘पेडस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान इसी समस्या को दूर करने की कोशिश है। अगर 320 किलोमीटर फुटपाथों को व्यवस्थित तरीके से अतिक्रमण मुक्त और बेहतर बनाया जाता है, तो इसका सीधा फायदा रोजाना पैदल चलने वाले मुंबईकरों को मिल सकता है।

कौन हैं अश्विनी भिड़े?

अश्विनी भिड़े महाराष्ट्र कैडर की 1995 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। वो BMC के इतिहास में कमिश्नर पद संभालने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।

मुंबई के मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े काम के कारण उन्हें ‘मेट्रो वुमन’ के नाम से भी जाना जाता है। वो मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) की प्रबंध निदेशक के तौर पर भी काम कर चुकी हैं और मुंबई मेट्रो लाइन-3 यानी एक्वा लाइन परियोजना को गति देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

अश्विनी भिड़े का प्रशासनिक करियर महाराष्ट्र के अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों से जुड़ा रहा है। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है और UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल की थी।

फुटपाथों को लेकर शुरू किया गया मौजूदा अभियान अब BMC के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ फुटपाथों का रखरखाव और नियमित निगरानी कितनी प्रभावी तरीके से की जाती है।

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