Viral Video: असम के होजाई जिले से इंसान और वन्यजीवों के बीच संवेदनशीलता और समझदारी की एक शानदार मिसाल सामने आई है। रेलवे ट्रैक पार कर रहे हाथियों के एक बड़े झुंड को देखकर वन विभाग के एक कर्मचारी ने अपनी सूझबूझ और सतर्कता का परिचय दिया। उन्होंने ट्रैक पर आती तेज रफ्तार ट्रेन को समय रहते रुकने का संकेत दिया, जिसके बाद ट्रेन को रोक दिया गया।
इस दौरान हाथियों का पूरा झुंड सुरक्षित तरीके से रेलवे ट्रैक पार कर जंगल की ओर चला गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करते हुए वन विभाग के कर्मचारियों की सतर्कता की सराहना की है।
रेलवे ट्रैक पर अचानक पहुंचा हाथियों का झुंड
बताया जा रहा है कि घटना असम के होजाई इलाके की है। रेलवे ट्रैक के आसपास जंगल का क्षेत्र होने के कारण हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। इसी दौरान हाथियों का एक बड़ा झुंड जंगल से निकलकर रेलवे ट्रैक पार करने लगा।
झुंड में बड़े हाथियों के साथ छोटे हाथी भी शामिल थे। हाथियों को ट्रैक पर देखकर वहां मौजूद वन विभाग के कर्मचारी तुरंत सक्रिय हो गए।
उसी समय ट्रैक पर ट्रेन आने की जानकारी मिली। स्थिति को देखते हुए वनकर्मी ने ट्रेन की दिशा में जाकर चालक को रुकने का संकेत दिया।
वनकर्मी ने समय रहते ट्रेन को रोका
वीडियो में देखा जा सकता है कि वन विभाग का कर्मचारी रेलवे ट्रैक के किनारे खड़े होकर ट्रेन को रुकने का इशारा कर रहा है। ट्रेन चालक ने भी स्थिति को समझते हुए समय रहते ट्रेन को रोक दिया।
ट्रेन के रुकने के बाद हाथियों को बिना किसी बाधा के रेलवे ट्रैक पार करने का मौका मिला। हाथियों का झुंड धीरे-धीरे ट्रैक पार करके जंगल की तरफ चला गया।
अगर ट्रेन समय पर नहीं रुकती तो हाथियों और ट्रेन के बीच टक्कर की गंभीर आशंका थी। खास तौर पर झुंड में छोटे हाथियों की मौजूदगी के कारण स्थिति और संवेदनशील थी।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने शेयर किया वीडियो
इस घटना का वीडियो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों की सतर्कता की तारीफ करते हुए बताया कि रेलवे लाइनों के आसपास मौजूद हाथी गलियारों में Forest worker लगातार निगरानी रखते हैं, ताकि हाथियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
मुख्यमंत्री ने होजाई की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वन विभाग की सतर्कता से तेज रफ्तार ट्रेन को समय रहते अलर्ट किया गया और कई बेशकीमती जानें बच गईं।
Creating Corridors of Safety!
In most of Assam’s Elephant corridors along railway lines, @assamforest personnel are always on guard to allow safe passage to gentle giants 🐘
This morning in Hojai was no different where a high-speed train was alerted, saving precious lives🐘😊 pic.twitter.com/n1APOA1EPq
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 19, 2026
असम में क्यों महत्वपूर्ण हैं हाथी कॉरिडोर?
असम में कई रेलवे लाइनें ऐसे क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं, जहां हाथियों की प्राकृतिक आवाजाही होती है। जंगलों और उनके पारंपरिक मार्गों के बीच रेलवे ट्रैक आने की वजह से हाथियों के ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।
इसी कारण वन विभाग और रेलवे की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अलर्ट सिस्टम पर जोर दिया जाता है। हाथियों के संभावित मार्गों की पहचान कर उनकी आवाजाही पर नजर रखी जाती है, ताकि ट्रेन आने से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
सोशल मीडिया पर Forest worker की हो रही तारीफ
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने Forest worker की सतर्कता और ट्रेन चालक की समझदारी की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए मौके पर मौजूद कर्मचारियों की ऐसी तत्परता बेहद महत्वपूर्ण है।
कई यूजर्स ने असम वन विभाग और भारतीय रेलवे के प्रयासों की सराहना की। लोगों ने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस तरह का तालमेल जरूरी है।
कुछ यूजर्स ने वनकर्मी की तारीफ करते हुए कहा कि हाथियों जैसे विशाल और संवेदनशील वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे संरक्षण प्रयास जारी रहने चाहिए।
इंसान और वन्यजीवों के बीच तालमेल की मिसाल
होजाई की ये घटना बताती है कि सही समय पर लिया गया एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण फैसला कितनी बड़ी दुर्घटना को टाल सकता है। Forest worker की सतर्कता, ट्रेन चालक की तत्परता और हाथियों के सुरक्षित गुजरने के लिए बनाए गए इंतजामों ने मिलकर एक संभावित हादसे को टाल दिया।
ये घटना न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण की अहमियत को सामने लाती है, बल्कि ये भी दिखाती है कि रेलवे और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से हाथियों के प्राकृतिक आवागमन वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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