महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में पेट्रोल की बड़ी खेप पकड़े जाने से हड़कंप मच गया है। मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग और कलवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 10,600 लीटर संदिग्ध चोरी का पेट्रोल बरामद किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त पेट्रोल और टैंकर की कुल कीमत करीब 19.76 लाख रुपये है। विभाग ने पेट्रोल से भरे टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है और अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल कहां से आया और इसे कहां ले जाया जा रहा था।
मुंब्रा में संदिग्ध टैंकर पर कार्रवाई
मामला ठाणे के मुंब्रा इलाके का है। मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग की टीम को एक संदिग्ध टैंकर की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने कलवा पुलिस के साथ मिलकर टैंकर की जांच की।
जांच के दौरान टैंकर में करीब 10,600 लीटर पेट्रोल पाया गया। पेट्रोल की इतनी बड़ी मात्रा की ढुलाई को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। दस्तावेजों और पेट्रोल के स्रोत से जुड़ी जानकारी की जांच के बाद विभाग ने पेट्रोल के साथ टैंकर को भी जब्त कर लिया।
करीब 19.76 लाख रुपये का माल जब्त
राशनिंग विभाग के अनुसार, जब्त किए गए पेट्रोल और टैंकर की कुल कीमत लगभग 19 लाख 76 हजार 600 रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल एक ही टैंकर में मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
अधिकारियों को आशंका है कि पेट्रोल की सप्लाई किसी अवैध चैनल से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, फिलहाल इसे चोरी का पेट्रोल माना जा रहा है और पूरे मामले की जांच जारी है। पेट्रोल के वास्तविक स्रोत और उसकी मंजिल की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पेट्रोल कहां से आया, अब इसकी जांच
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि 10,600 लीटर पेट्रोल आखिर कहां से आया? जांच एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि पेट्रोल किस जगह से टैंकर में भरा गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही टैंकर की आवाजाही से जुड़े दस्तावेजों और पेट्रोल से संबंधित कागजात की भी जांच की जा रही है। इससे ये पता लगाने की कोशिश होगी कि टैंकर इससे पहले किन-किन स्थानों पर गया था और पेट्रोल की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए की जा रही थी।
टैंकर चालक और मालिक भी जांच के घेरे में
मामले में टैंकर के चालक और मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में है। राशनिंग विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों के खिलाफ कलवा पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि चालक को टैंकर लेकर कहां जाना था, पेट्रोल किस जगह से लोड किया गया और उसके पास पेट्रोल की ढुलाई से जुड़े वैध दस्तावेज थे या नहीं।
क्या किसी बड़े पेट्रोल चोरी नेटवर्क का हिस्सा है मामला?
एक ही टैंकर में 10,600 लीटर संदिग्ध पेट्रोल मिलने के बाद जांच एजेंसियों के सामने ये सवाल भी है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा अवैध सप्लाई नेटवर्क तो नहीं है।
फिलहाल ये कहना जल्दबाजी होगी कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं या पेट्रोल चोरी कहां से हुई। अधिकारियों की जांच का मुख्य फोकस पेट्रोल के स्रोत, टैंकर की आवाजाही और संभावित सप्लाई चैन का पता लगाने पर है।
ये कार्रवाई मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग के नियंत्रक चंद्रकांत डांगे के नेतृत्व में की गई। ठाणे रीजनल ऑफिस के डिप्टी कंट्रोलर भास्कर तायडे और उनकी टीम ने कलवा पुलिस के सहयोग से टैंकर की जांच की।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पेट्रोल और टैंकर दोनों विभाग के कब्जे में हैं। पुलिस और राशनिंग विभाग ये पता लगाने में जुटे हैं कि पेट्रोल की पूरी सप्लाई चेन क्या थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं।
अगर जांच में पेट्रोल चोरी या अवैध सप्लाई का नेटवर्क सामने आता है, तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल अधिकारियों की कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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