दमन तट: समुद्र में डूबती नाव पर सवार 9 मछुआरों की जिंदगी उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब उनकी नाव समुद्री संकट में फंस गई। मदद की सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमन स्थित भारतीय तटरक्षक हवाई स्टेशन से तत्काल चेतक हेलीकॉप्टर रवाना किया गया और सभी 9 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
समय पर शुरू किए गए इस अभियान की वजह से समुद्र में एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, रेस्क्यू के दौरान तीन मछुआरों को चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया।
मदद की सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दमन स्थित भारतीय तटरक्षक हवाई स्टेशन को समुद्र में मछुआरों के संकट में फंसे होने की सूचना मिली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटरक्षक बल ने तुरंत कार्रवाई की और घटनास्थल की ओर एक चेतक हेलीकॉप्टर भेजा।
समुद्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने संकट में फंसे मछुआरों तक पहुंच बनाई और बचाव अभियान शुरू किया।
सभी 9 मछुआरों को सुरक्षित निकाला गया
तटरक्षक बल के जवानों ने जोखिम भरी समुद्री परिस्थितियों में सावधानीपूर्वक अभियान चलाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान डूब रही नाव में फंसे सभी 9 मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाव अभियान में तटरक्षक दल ने सबसे पहले मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित की और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। त्वरित प्रतिक्रिया और हवाई बचाव अभियान की वजह से संभावित समुद्री त्रासदी को टाला जा सका।
तीन मछुआरे घायल, अस्पताल भेजे गए
रेस्क्यू के बाद 3 घायल मछुआरों को दमन स्थित भारतीय तटरक्षक हवाई स्टेशन लाया गया। यहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उनकी स्थिति को देखते हुए आगे के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया।
फिलहाल सभी 9 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस पूरे अभियान में भारतीय तटरक्षक बल की तेजी और समय पर की गई कार्रवाई ने समुद्र में फंसे लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
समय पर कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
समुद्र में मौसम और परिस्थितियां अचानक बदलने पर मछुआरों के लिए खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संकट की सूचना मिलते ही राहत और बचाव एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। दमन से चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में भी समय पर मिली सूचना और तत्काल कार्रवाई की वजह से 9 जिंदगियां सुरक्षित बचाई जा सकीं।
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