Lalbaugcha Raja Visarjan 2026: गणेशोत्सव के 10 दिनों तक भक्ति और उत्साह में डूबी मुंबई अब अपने लाडले गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए तैयार है। आज, 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा का विसर्जन किया जाएगा। गणेश चतुर्थी के दिन 14 सितंबर को बप्पा की स्थापना हुई थी और अब अनंत चतुर्दशी पर पारंपरिक विसर्जन जुलूस के साथ उन्हें विदाई दी जाएगी।
लालबागचा राजा के दर्शन के लिए इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुंबई पहुंचे। मंडल की ओर से ऑनलाइन दर्शन की सुविधा भी विसर्जन जुलूस तक उपलब्ध रखी गई है।
आज निकलेगा लालबागचा राजा का विसर्जन जुलूस
लालबागचा राजा का विसर्जन शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। ताजा जानकारी के मुताबिक, बप्पा की विदाई आरती सुबह करीब 9 बजे शुरू होगी और इसके बाद विसर्जन जुलूस आगे बढ़ेगा। रिपोर्टों के अनुसार जुलूस के सुबह करीब 11 बजे शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
लालबाग से निकलने वाला यह जुलूस मुंबई के सबसे बड़े और लोकप्रिय गणेश विसर्जन जुलूसों में शामिल होता है। रास्ते में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहते हैं।
दर्शन की लाइन कब बंद हुई?
विसर्जन की तैयारियों के कारण लालबागचा राजा मंडल ने दर्शन की लाइनों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया।
मंडल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चरण स्पर्श दर्शन की लाइन 24 सितंबर सुबह 6 बजे बंद कर दी गई थी। वहीं मुख दर्शन की लाइन 24 सितंबर रात 11:59 बजे बंद हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दर्शन की सुविधा विसर्जन जुलूस तक जारी रखी गई।
मुंबई में आज अनंत चतुर्दशी की धूम
25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ गणेशोत्सव का मुख्य 10 दिवसीय चरण पूरा हो रहा है। हालांकि, हर घर और मंडल में विसर्जन की परंपरा अलग हो सकती है। कई परिवार डेढ़, तीन, पांच या सात दिन बाद भी गणपति विसर्जन करते हैं, जबकि बड़े सार्वजनिक गणेश मंडलों में अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन की परंपरा प्रमुख है।
मुंबई में विसर्जन को देखते हुए रेलवे और प्रशासन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त विशेष लोकल सेवाओं की व्यवस्था की है।
‘मुंबईचा राजा’ का 99वां साल, इस बार होगा ऐतिहासिक विसर्जन
लालबाग के गणेश गली में स्थापित होने वाले ‘मुंबईचा राजा’ के लिए भी इस साल का गणेशोत्सव बेहद खास है। गणेश गली सार्वजनिक उत्सव मंडल इस वर्ष अपना 99वां वर्ष मना रहा है और शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ रहा है।
इस साल 22 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा के विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पहली बार प्रतिमा को गिरगांव चौपाटी से आधुनिक बार्ज के जरिए गहरे समुद्र में ले जाकर विसर्जित करने की योजना बनाई गई है।
सुबह 7 बजे से शुरू होगा ‘मुंबईचा राजा’ का जुलूस
रिपोर्टों के अनुसार, गणेश गली के ‘मुंबईचा राजा’ की अंतिम महाआरती के बाद 25 सितंबर की सुबह 7 बजे विसर्जन जुलूस शुरू होगा। जुलूस लालबाग से निकलकर पारंपरिक मार्ग से गिरगांव चौपाटी की ओर जाएगा।
वहां से बार्ज के जरिए 22 फीट ऊंची प्रतिमा को गहरे समुद्र में ले जाकर विसर्जित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया है।
बप्पा की विदाई के लिए तैयार मुंबई
आज मुंबई की सड़कों पर ढोल-ताशे, गुलाल, फूलों और ‘गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या’ के जयघोष के बीच गणपति विसर्जन जुलूस निकलेंगे। लालबागचा राजा और मुंबईचा राजा समेत शहर के कई बड़े सार्वजनिक गणपति मंडलों की विदाई देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।
मुंबई के लिए अनंत चतुर्दशी सिर्फ विसर्जन का दिन नहीं, बल्कि 10 दिनों तक चले उत्सव, आस्था और सामूहिक भक्ति को विदाई देने का भावुक अवसर भी है।





























