मुंबई

धारावी में हैरान करने वाला मामला: आर्थिक तंगी से परेशान पिता ने डेढ़ साल के बेटे को इतने लाख में बेचा

धारावी
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मुंबई के धारावी इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवीय रिश्तों को झकझोर दिया है। आर्थिक तंगी और कथित बेरोजगारी से परेशान होकर एक पिता ने अपने डेढ़ साल के बेटे को 1.05 लाख रुपये में बेच दिया। ये घटना धारावी मेट्रो स्टेशन के पास एक घर की है। बच्चे के मामा की शिकायत पर धारावी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मामला इस तरह सामने आया। 39 वर्षीय शिकायतकर्ता मामा गोरेगांव के भगतसिंह नगर में रहता है और गार्ड की नौकरी करता है। उसकी बहन और बहनोई धारावी में रहते हैं। उनके डेढ़ साल का एक बेटा है। 6 अगस्त की सुबह बहन ने अपनी मां को फोन कर बताया कि बारिश में पैर फिसलने से बेटे के सिर के पिछले हिस्से में चोट लग गई है और उसे सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शाम को ड्यूटी पूरी करने के बाद करीब 6 बजे मामा सायन अस्पताल पहुंचा। वहां बहन और बहनोई कहीं नजर नहीं आए। दोनों को बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इससे मामा को शक हुआ और वो धारावी स्थित बहन के घर पहुंचने का फैसला किया।

7 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे जब वो बहन के घर पहुंचा तो बहनोई ने बताया कि सिर में लगी चोट के कारण बच्चे की मौत हो गई है और शव का पोस्टमॉर्टम चल रहा है। उसने ये भी कहा कि उसका बड़ा भाई सायन अस्पताल में है। मामा को ये बात संदिग्ध लगी। उसने बहनोई के बड़े भाई को कॉल कर पूछा तो पता चला कि न तो कोई ऐसी घटना हुई है और न ही वो सायन अस्पताल में है। इससे मामा का शक यकीन में बदल गया।

8 अगस्त को दोपहर 12 बजे मामा दोबारा बहन के घर पहुंचा और बच्चे के बारे में सख्ती से पूछताछ की। पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। डरकर बहन ने सच्चाई बताई कि 2 अगस्त को ही उन्होंने अपने बेटे को ‘रानी’ नाम की एक महिला को 1.05 लाख रुपये में बेच दिया था। वजह बताई गई कि बहनोई पिछले 4-5 महीने से बेरोजगार था और घर में पैसे की बहुत किल्लत थी।

ये सुनकर मामा सन्न रह गया और तुरंत धारावी पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने बच्चे के माता-पिता और ‘रानी’ नामक महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

धारावी पुलिस बच्चे के वास्तविक ठिकाने का पता लगाने, कथित लेन-देन की पुष्टि करने और ‘रानी’ नाम की महिला की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। केस की जांच पीआई सुनील माने कर रहे हैं।

ये मामला आर्थिक संकट में फंसे परिवारों की मजबूरियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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