मुंबई

नासिक TCS धर्म परिवर्तन केस में Nida Khan को जमानत, 50 हजार के बॉन्ड पर मिली राहत

Nida Khan
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महाराष्ट्र के नासिक में TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी निदा खान (Nida Khan) को कोर्ट से जमानत मिल गई है। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस में अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दी है। हालांकि, जमानत के साथ कोर्ट ने नियमित पुलिस हाजिरी की शर्त भी लगाई है। यानी मामले की जांच के दौरान निदा खान (Nida Khan) को समय-समय पर संबंधित पुलिस स्टेशन में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करना होगा।

क्या है पूरा मामला?

ये मामला नासिक स्थित TCS कार्यालय से जुड़ा है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, कुछ कर्मचारियों पर कथित तौर पर नमाज पढ़ने और इस्लाम से जुड़े धार्मिक रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में हिंदू धर्म को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप भी शामिल थे।

शिकायत के आधार पर मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में केस नंबर 166/2026 दर्ज किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79, 299, 302, 3(5) और 328 के तहत कार्रवाई की गई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इनकी अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

जांच के दौरान जुड़ा निदा खान (Nida Khan) का नाम

पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनके नाम तौसीफ बिलाल अत्तार, दानिश एजाज शेख, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी और रजा रफीक मेमन बताए गए हैं।

जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने निदा खान (Nida Khan) का नाम भी मामले में शामिल किया और उन्हें आरोपी नंबर 5 बनाया गया। यानी शुरुआती FIR में उनका नाम नहीं था, बल्कि जांच के दौरान पुलिस द्वारा उनका नाम जोड़ा गया।

गिरफ्तारी से पहले करीब 25 दिन तक तलाश

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, निदा खान (Nida Khan) की भी पुलिस करीब 25 दिनों तक तलाश करती रही। बाद में नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजी नगर पुलिस की टीम ने उन्हें नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि वो कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में छिपी हुई थीं।

जमानत के लिए कोर्ट में क्या दलील दी गई?

जमानत की सुनवाई के दौरान निदा खान (Nida Khan) की ओर से कहा गया कि वो जांच में सहयोग कर रही हैं। कोर्ट के समक्ष उनकी गर्भावस्था का मुद्दा भी रखा गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी।

हालांकि, जमानत मिलने का मतलब ये नहीं है कि मामले में आरोप खत्म हो गए हैं। पुलिस की जांच आगे जारी रहेगी और निदा खान (Nida Khan) को अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करना होगा।

अब आगे क्या होगा?

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, निदा खान (Nida Khan) को संबंधित पुलिस स्टेशन में नियमित रूप से हाजिरी लगानी होगी। इसके साथ ही उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। मामले में पुलिस की जांच जारी है और आगे जांच के आधार पर अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

इस मामले में लगाए गए धर्म परिवर्तन, धार्मिक दबाव और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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