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PM Modi Israel visit: भारत-इजराइल के बीच ‘सनशाइन’ युग की शुरुआत; 50 हजार भारतीयों को मिलेगी इजराइल में नौकरी, UPI से होगा भुगतान

PM Modi Israel visit
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PM Modi Israel visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा का दूसरा दिन दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी और उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में व्यापार, तकनीक और रोजगार से जुड़े कुल 27 एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान दोनों देशों ने वैश्विक शांति के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के गाजा पीस प्लान का पुरजोर समर्थन किया।

भारतीयों के लिए खुले रोजगार के द्वार: ‘सनशाइन प्रोजेक्ट’
इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि ‘सनशाइन प्रोजेक्ट’ है। इसके तहत इजराइल अगले पांच वर्षों में 50,000 भारतीय कामगारों को अपने यहाँ नौकरी देगा।

  • प्रमुख क्षेत्र: मैन्युफैक्चरिंग और होटल सेक्टर।
  • सुविधा: वीसा प्रक्रियाओं को बेहद सरल बनाया गया है ताकि भारतीय युवाओं को इजराइल में काम करने के अवसर आसानी से मिल सकें।

डिजिटल क्रांति: अब इजराइल में भी चलेगा ‘UPI’
भारत की डिजिटल ताकत अब इजराइल के बाजारों में भी दिखेगी। समझौते के अनुसार, भारतीय UPI अब इजराइल में भी मान्य होगा।

  • इससे इजराइल में काम कर रहे भारतीय कामगार आसानी से अपना पैसा (रेमिटेंस) सीधे भारत भेज सकेंगे।
  • डिजिटल भुगतान से दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार को भी नई गति मिलेगी।

AI और कृषि: तकनीक का संगम
इजराइल भारत में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना करेगा। साथ ही, कृषि क्षेत्र में मौजूदा सहयोग को विस्तार देते हुए सेंटरों की संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी, जिससे भारतीय किसानों को इजराइली तकनीक का लाभ मिल सके।

शिक्षा और विरासत का आदान-प्रदान
सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्तर पर भी बड़े फैसले लिए गए हैं:

  • यूनिवर्सिटी एक्सचेंज: नालंदा और येरूशलम यूनिवर्सिटी के बीच स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होगा।
  • लोथल हेरिटेज: गुजरात के लोथल में एक भव्य हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के निर्माण में इजराइल सहयोग करेगा।
समझौता / क्षेत्रप्रमुख बिंदु
FTA (मुक्त व्यापार समझौता)जल्द ही एफटीए लागू होगा, जिसके लिए फ्रेमवर्क तैयार है।
IMEC कॉरिडोरभारत-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) के काम में तेजी लाने पर सहमति।
शांति पहलगाजा पीस प्लान का समर्थन कर दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया।

साझा भविष्य की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह साझेदारी केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि दो प्राचीन सभ्यताओं के बीच के विश्वास का प्रतीक है। आईमैक (IMEC) कॉरिडोर के जरिए भारत से यूरोप तक व्यापारिक मार्ग को सुगम बनाना और इजराइली तकनीक का भारतीय बाजार से जुड़ना, आने वाले दशकों की वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

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