दिल्ली की कथित शराब नीति मामले में अदालत द्वारा सबूतों के अभाव की टिप्पणी के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। कोर्ट के फैसले के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि उनके खिलाफ “तिनके भर भी सबूत” नहीं मिला।
कोर्ट के फैसले के बाद केजरीवाल की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार वर्षों से ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से उन पर और उनकी पार्टी के नेताओं पर शराब घोटाले के आरोप लगाए गए। अदालत को यह तय करना था कि क्या मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सामग्री मौजूद है। उनके अनुसार, कोर्ट के विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
केजरीवाल ने न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दबाव की बातें की जाती हैं, अदालत का यह निर्णय ऐतिहासिक है। उन्होंने अपने वकीलों का भी धन्यवाद किया और देशभर के लोगों से मिले समर्थन के लिए आभार जताया।
“ये राजनीतिक षड्यंत्र था” – AAP का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक भी मौजूद रहे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में चुनावी पराजय की आशंका के कारण उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने कहा कि उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि यदि राजनीतिक विरोधी उन्हें रोकना चाहते हैं तो या तो “हत्या करवा दें” या फिर उनसे बेहतर काम करके दिखाएं। उन्होंने स्कूलों और मोहल्ला क्लीनिक जैसे मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि यही उनकी राजनीति की पहचान है।
कांग्रेस और केंद्र सरकार पर भी निशाना
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कांग्रेस पार्टी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि एजेंसियां निष्पक्ष हैं तो अन्य विपक्षी नेताओं पर समान कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की।
उन्होंने दावा किया कि यदि अभी चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी को दिल्ली में सीमित सफलता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केवल एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम में राजनीतिक दबाव और एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
केजरीवाल ने संकेत दिया कि वे आगे कानूनी प्रक्रिया में आवश्यक आवेदन दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट द्वारा जांच अधिकारी के खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार, यह फैसला दर्शाता है कि न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही है।
राजनीतिक असर और आगे की रणनीति
कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी इसे अपनी नैतिक जीत के रूप में पेश कर रही है, जबकि बीजेपी की ओर से अब तक आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह मामला आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि इसमें केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और न्यायिक प्रक्रिया जैसे कई संवेदनशील पहलू जुड़े हुए हैं।
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