Israel-Iran war: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में धधकती जंग की लपटें अब केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही हैं, बल्कि इसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस वैश्विक तनाव के बीच भारत ने अपनी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभाते हुए शांति की कमान थाम ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 48 घंटों में एक अभूतपूर्व कूटनीतिक पहल करते हुए खाड़ी देशों और इजराइल के शीर्ष नेताओं से संवाद किया है।
تحدثتُ مع أخي، صاحب السمو الشيخ تميم بن حمد آل ثاني، أمير دولة قطر. نقف صفاً واحداً متضامنين مع قطر، وندين بشدة أي انتهاك لسيادتها ووحدة أراضيها. شددنا على الحاجة المُلحة لاستعادة السلام والاستقرار في المنطقة عبر الحوار والدبلوماسية. كما أعربتُ عن تقديري لدعمه المتواصل واهتمامه…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026
कूटनीतिक घेराबंदी: 8 देशों के नेताओं से चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में क्षेत्र के प्रभावकारी देशों के साथ सीधा संपर्क साधा। उन्होंने यूएई, इजराइल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात की। इस कूटनीतिक सिलसिले की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- हमलों की कड़ी निंदा: पीएम मोदी ने विभिन्न देशों पर हुए हालिया हमलों की स्पष्ट शब्दों में निंदा की। उन्होंने साफ किया कि हिंसा और आतंकवाद का किसी भी सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है।
- शांति का आह्वान: बातचीत की शुरुआत इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई, जिसमें पीएम मोदी ने शत्रुता को तत्काल समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया।
أجرينا محادثة هاتفية مثمرة مع ولي عهد الكويت، صاحب السمو الشيخ صباح الخالد الحمد المبارك الصباح. تدين الهند انتهاك سيادة الكويت ووحدة أراضيها، وتقف إلى جانب شعبها في هذه الظروف الصعبة.
وشددنا على أهمية الحوار والدبلوماسية في استعادة السلام والاستقرار الإقليميين. ونعرب عن تقديرنا…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026
भारतीय समुदाय की सुरक्षा: सर्वोच्च प्राथमिकता
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और बहरीन के राजा हमाद बिन ईसा अल खलीफा के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री का मुख्य ध्यान वहां रह रहे लाखों भारतीयों पर रहा।
- सुरक्षा का जायजा: पीएम ने वहां रह रहे विशाल भारतीय समुदाय की सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
- आभार व्यक्त किया: इस संकट की घड़ी में भारतीय प्रवासियों का ख्याल रखने और उन्हें सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रधानमंत्री ने संबंधित देशों के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।
تحدثتُ مع جلالة السلطان هيثم بن طارق وتبادلنا وجهات النظر حول التطورات الأخيرة في غرب آسيا. وأدنّا انتهاك سيادة سلطنة عُمان ووحدة أراضيها. واتفقنا على أن استمرار الحوار الدبلوماسي ضروري لاستعادة السلام والاستقرار الإقليميين في أقرب وقت. وأعربنا عن تقديرنا العميق للدعم المتواصل…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026
प्रमुख देशों के साथ संवाद का सारांश
| नेता / देश | मुख्य चर्चा का विषय |
|---|---|
| बेंजामिन नेतन्याहू (इजराइल) | युद्ध समाप्ति और शांति बहाली की अपील |
| MBS (सऊदी अरब) | क्षेत्रीय स्थिरता और भारतीय समुदाय की सुरक्षा |
| हमाद बिन ईसा (बहरीन) | हमलों की निंदा और द्विपक्षीय सहयोग |
| अन्य खाड़ी देश | ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा |
Spoke with my brother, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, the Amir of Qatar. We stand firmly in solidarity with Qatar and strongly condemn any violation of its sovereignty and territorial integrity. We emphasized the urgent need to restore peace and stability in the region…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026
‘विश्व मित्र’ की भूमिका में भारत
प्रधानमंत्री की यह पहल यह दर्शाती है कि भारत अब केवल एक मूकदर्शक नहीं, बल्कि एक ‘विश्व मित्र’ के रूप में उभर रहा है जो संकट के समय संतुलन बनाए रखने की क्षमता रखता है। भारत के आर्थिक हित और उसके नागरिकों की सुरक्षा सीधे तौर पर मध्य-पूर्व की स्थिरता से जुड़ी हुई है। पीएम मोदी का यह ‘शांति संदेश’ वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। युद्ध और शत्रुता का तत्काल अंत ही मानवता के हित में है।






























